Posted by: Saima on: May 27, 2009
हर खुशी है लोगों के दमन में, पर एक हँसी के लिए वक्त नही। दिन रात दौड़ती दुनिया में, जिंदगी के लिए ही वक्त नही। माँ की लोरी का एहसास तो है, पर माँ को माँ कहने का वक्त नही। सारे रिश्तों को तो हम मार चुके, अब उन्हें दफ़नाने का भी वक्त नही। सारे [...]
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